नौकरी छोड़कर जेफ बेजोस ने जुलाई 1994 में अपनी कंपनी की स्थापना की और 1995 में इसकी शुरुआत की। उन्होंने पहले तो इसका नाम केडेब्रा डॉट कॉम रखना चाहते थे, लेकिन तीन महीने बाद उन्होंने इसका नाम बदलकर अमेजन डॉट कॉम कर दिया। 16 जुलाई 1995 को जेफ बेजोस ने अपनी वेबसाइट पर बुक बेचना शुरू किया। उनकी वेबसाइट ऑनलाइन बुकस्टोर के रूप में शुरू हुई, लेकिन बाद में डीवीडी, सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े भी बेचने लगी। पहले ही महीने में अमेजन ने अमेरिका के 50 राज्यों और 45 अन्य देशों में बुक्स बेच डाली। उस वक्त जमीन पर घुटनों के बल बैठकर किताबों को पैक करना पड़ता था और पार्सल देने के लिए खुद भी जाना पड़ता था। बेजोस की मेहनत रंग लाई और सितंबर 1995 तक हर सप्ताह 20,000 डॉलर की बिक्र

नवंबर 2007 में अमेजन ने अमेजन किन्डल नाम ई-बुक रीडर बाजार में उतारा, जिसके माध्यम से पुस्तक को तुरंत डाउनलोड करके पढ़ा जा सकता था। इससे कंपनी को बड़ा प्रॉफिट हुआ। ग्राहकों के लिए यह बहुत सुविधाजनक था। उन्हें बुक के आने का इन्तजार नहीं करना पड़ता था और मनचाही बुक मिनटों में उनके पास आ जाती थी।जेफ का जन्म 12 जनवरी साल 1964 में अल्बुकर्क, न्यू मेक्सिको में हुआ था। जेफ की मां का नाम जैकी जॉरगन्सन और पिता का नाम टेड जॉरगन्सन है। हाई स्कूल पूरा करने पर दी गई स्पीच में उन्होंने अंतरिक्ष में कॉलोनी बनाने की कल्पना का ज़िक्र भी किया था। 1986 में प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग बैचलर इन साइंस में डिग्री ली।

पहले पांच साल में अमेजन के ग्राहकों की संख्या एक लाख 80 हज़ार से बढ़कर एक करोड़ 17 लाख पर पहुंच गई. इसकी बिक्री 5 लाख 11000 डॉलर से बढ़कर 1.6 अरब डॉलर हो गई। यह 1997 में सार्वजनिक हो गई और देखते ही देखते जेफ बज़ोस 35 साल की उम्र से पहले दुनिया के सबसे अमीर शख़्स बन गए और आज 200 अरब डॉलर के आसमान पर पहुंच गए।

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